वॉटर प्यूरीफायर का फिल्टर कब बदलें -पानी का स्वाद बदलने से लेकर सप्लाई धीमी होने तक, ये 8 संकेत बताते हैं कि फिल्टर बदलने का समय आ गया है.
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पानी से अजीब स्मेल आना - पानी से अजीब गंध आने पर कार्बन फिल्टर समेत पूरे प्यूरीफायर की जांच करवाना जरूरी है.
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पानी धीरे निकलना - अगर गिलास भरने में पहले से ज्यादा समय लग रहा है, तो सेडिमेंट या कार्बन फिल्टर में गंदगी जमा हो सकती है.
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पानी का धुंधला दिखना - पानी में छोटे कण दिखाई दें या उसका रंग बदला लगे, तो इस्तेमाल रोककर प्यूरीफायर की जांच कराएं.
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RO के पानी का TDS बढ़ना - अगर RO के पानी का TDS लगातार बढ़ रहा है, तो RO मेम्ब्रेन और फिल्ट्रेशन सिस्टम की जांच करवाएं.
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filter बदलने का अलर्ट - प्यूरीफायर में इंडिकेटर लाइट या सर्विस अलर्ट दिखने पर कंपनी के निर्देशों के अनुसार फिल्टर की जांच कराएं.
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कितने महीने में बदलें फिल्टर - सेडिमेंट फिल्टर 3–6 महीने, कार्बन फिल्टर 6–12 महीने, RO मेम्ब्रेन 12–24 महीने और UF फिल्टर लगभग 12 महीने में बदलना पड़ सकता है.
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इन बातों का रखें ध्यान - फिल्टर बदलने का सही समय पानी की क्वालिटी और इस्तेमाल पर निर्भर करता है... प्यूरीफायर के मैनुअल का पालन करें और फिल्टर बदलने के बाद सिस्टम को निर्देशों के अनुसार फ्लश कराएं.