आंवला सर्दियों में मिलने वाली ऐसी औषधि है, जिसके सेवन से शरीर की हर बीमारी को दूर किया जा सकता है.
लेकिन क्या आप जानते हैं कि आंवले का जल भी उतना ही गुणकारी है, जितना कि आंवले का रस?
कई बार लोगों के लिए आंवले के रस को पीना मुश्किल हो जाता है, लेकिन अगर वे आंवले के जल का सेवन करते हैं, तो भी उतना ही लाभकारी होगा
इसके लिए रात के समय आंवला को कद्दूकस कर लें या फिर छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें और एक गिलास पानी में भिगोकर रख दें. सुबह होते ही पानी को उबाल लें और छानकर जल का सेवन करें.
आंवला जल पित्त को शांत करता है, ओज का निर्माण करता है, अम्लता और शरीर की आंतरिक गर्मी को शांत करता है.
इतना ही नहीं ये रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है, बालों और त्वचा को निखारता है, रक्त की शुद्धि करता है और शरीर के विषाक्त पदार्थों को निकालता है.
आंवला जल एक रसायन की तरह काम करता है और इसका सेवन रोजाना खाली पेट तकरीबन 1 महीने तक करना चाहिए.
ध्यान देने वाली बात ये है कि अगर पाचन शक्ति कमजोर है तो आंवले के रस का सेवन न करें
अगर सर्दी से संक्रमित हैं और कफ की परेशानी है, तब भी आंवले के रस का सेवन करने से परहेज करें. आंवले के रस की तासीर ठंडी होती है, जो कफ को और बढ़ा सकती है.
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