EV और स्वच्छ ऊर्जा पर फोकस - केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन ने 1 फरवरी 2026 को बजट पेश किया. इस बार बजट में इलेक्ट्रिक वाहनों और स्वच्छ ऊर्जा पर खास जोर दिया गया है.
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EV सेक्टर को बड़ा समर्थन - सरकार ने लिथियम-आयन बैटरी और बैटरी एनर्जी स्टोरेज पर कस्टम ड्यूटी छूट जारी रखी. इससे देश में EV मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलेगा.
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बैटरी निर्माण में राहत - अब बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम में इस्तेमाल होने वाले लिथियम-आयन सेल्स भी छूट के दायरे में आए. इससे इलेक्ट्रिक वाहनों की लागत घटेगी और कीमतों पर सकारात्मक असर होगा.
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निवेश को बढ़ावा - लिथियम-आयन बैटरियों के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों पर टैक्स राहत दी गई. यह कदम EV इंडस्ट्री में निवेश बढ़ाने की दिशा में अहम माना जा रहा है.
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क्रिटिकल मिनरल प्रोसेसिंग - भारत में जरूरी खनिजों की प्रोसेसिंग के लिए कैपिटल गुड्स पर कस्टम ड्यूटी छूट दी गई. इससे देश में क्रिटिकल मिनरल प्रोसेसिंग क्षमता मजबूत होगी.
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बायोगैस ब्लेंडेड CNG में राहत - बायोगैस ब्लेंडेड CNG पर अब एक्साइज ड्यूटी की गणना में बायोगैस के पूरे मूल्य को बाहर रखा जाएगा. इससे स्वच्छ ईंधन की कीमत घटेगी और इसका उपयोग बढ़ेगा.
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स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा - बजट 2026 में EV, बैटरी स्टोरेज और बायोगैस सेक्टर में दी गई राहत से साफ है. सरकार स्वच्छ ऊर्जा और टिकाऊ विकास पर ध्यान दे रही है.
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आत्मनिर्भर भारत की दिशा - कस्टम ड्यूटी छूट और टैक्स राहत से घरेलू उत्पादन को प्रोत्साहन मिलेगा. भारत की ऊर्जा और तकनीक में आत्मनिर्भरता मजबूत होगी.
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बजट 2026 भारत को इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और क्लीन एनर्जी में अग्रणी बनाने का सपना दिखाता है. सरकार की यह नीति देश के ट्रांसपोर्ट और ऊर्जा सेक्टर में बड़े बदलाव की दिशा में कदम है.
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