RC में CNG दर्ज नहीं तो मुसीबत तय - पुरानी पेट्रोल कार को CNG में बदलवाने के बाद सिर्फ किट लगवाना ही काफी नहीं है, बल्कि RC में भी CNG की जानकारी अपडेट कराना जरूरी है.
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कट सकता है भारी चालान -अगर RC में सिर्फ पेट्रोल दर्ज है और कार में CNG किट लगी मिलती है, तो ट्रैफिक चेकिंग के दौरान चालान और दूसरी कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है.
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कार भी हो सकती है जब्त -बिना जरूरी अनुमति के फ्यूल सिस्टम में बदलाव पाए जाने पर अधिकारियों की ओर से वाहन को जब्त करने की कार्रवाई भी हो सकती है.
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इंश्योरेंस क्लेम हो सकता है रिजेक्ट - अगर CNG किट RC और इंश्योरेंस पॉलिसी में दर्ज नहीं है, तो दुर्घटना या आग लगने की स्थिति में बीमा कंपनी क्लेम पर आपत्ति जता सकती है.
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CNG भरवाने में भी आ सकती है परेशानी - कई जगह CNG स्टेशन पर किट और कंप्लायंस से जुड़े दस्तावेजों की जांच हो सकती है, ऐसे में कागजात सही नहीं होने पर गैस भरने से मना किया जा सकता है.
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CNG अपडेट कराने का आसान तरीका -मान्यता प्राप्त डीलर से CNG किट लगवाएं और फिटिंग सर्टिफिकेट, इनवॉइस व सिलिंडर टेस्ट रिपोर्ट जैसे जरूरी दस्तावेज जरूर लें.
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RTO में कराएं RC अपडेट - किट लगने के बाद RTO में वाहन का निरीक्षण करवाकर RC में पेट्रोल के साथ CNG फ्यूल टाइप अपडेट कराएं और इंश्योरेंस कंपनी को भी इसकी जानकारी दें.
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छोटी लापरवाही पड़ सकती है भारी - CNG से बचत जरूर होती है, लेकिन RC और इंश्योरेंस में सही जानकारी अपडेट न कराने की गलती आगे चलकर चालान, कानूनी परेशानी और आर्थिक नुकसान की वजह बन सकती है,
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छोटी लापरवाही पड़ सकती है भारी - CNG से बचत जरूर होती है, लेकिन RC और इंश्योरेंस में सही जानकारी अपडेट न कराने की गलती आगे चलकर चालान, कानूनी परेशानी और आर्थिक नुकसान की वजह बन सकती है,
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