गोल-मटोल, सफेद या कभी-कभी बैंगनी रंग की सब्जी शलजम दिखने में साधारण लग सकती है, लेकिन इसके फायदे देखकर आप हैरान रह जाएंगे.
शलजम को वात और कफ दोष कम करने वाली सब्जी बताया गया है. इसका हल्का और उष्ण तासीर वाला स्वभाव पाचन को तेज करता है, भोजन को अच्छे से पचाने में मदद करता है
इसमें विटामिन सी, पोटेशियम, कैल्शियम, मैंगनीज और फाइबर भरपूर मात्रा में मौजूद हैं. यही वजह है कि शलजम हृदय स्वास्थ्य बनाए रखने में मदद करता है.
शलजम, ब्लड प्रेशर नियंत्रित रखने, पाचन सुधारने और हड्डियों को मजबूत करने में मदद करता है
अक्सर लोग सिर्फ जड़ खाते हैं और पत्तियों को फेंक देते हैं, लेकिन शलजम की पत्तियों में जड़ की तुलना में दस गुना ज्यादा विटामिन ए और के होता है.
ये आंखों की रोशनी बढ़ाने और खून के थक्के जमने में मदद करते हैं. इसके अलावा, शलगम में प्राकृतिक डिटॉक्स गुण भी होते हैं.
इसमें मौजूद ग्लूकोराफैनिन तत्व लीवर को हानिकारक पदार्थों से मुक्त रखने में मदद करता है और इम्युनिटी को मजबूत बनाता है.
सर्दियों में शलजम को अदरक और काली मिर्च के साथ हल्का पकाकर खाना और भी फायदेमंद होता है.
बैंगनी शलगम में मौजूद एंथोसायनिन एंटीऑक्सीडेंट है, जो उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा करता है.
फाइबर और पानी की मात्रा अधिक होने के कारण यह पेट को लंबे समय तक भरा रखता है और वजन घटाने में भी मदद करता है.
शलजम खाने के कई तरीके हैं. आप इसे हल्का पकाकर सब्जी, सूप, पराठा या भुजिया के रूप में शामिल कर सकते हैं.
आयुर्वेद के अनुसार घी में पकाकर इसका सेवन करना और भी ज्यादा फायदेमंद होता है.
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