मेथी को अमृत तुल्य औषधि बताया गया है. इसके छोटे-छोटे बीजों में सेहत को बदल देने वाली ताकत छिपी होती है.
मेथी में फाइबर, आयरन, कैल्शियम, मैग्नीशियम, विटामिन बी6, और एंटीऑक्सीडेंट्स जैसे कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं
आयुर्वेद में बासी मुंह मेथी जल पीने की सलाह दी गई है. यह साधारण-सा घरेलू नुस्खा शरीर की कई बड़ी परेशानियों को जड़ से दूर करने की क्षमता रखता है.
सबसे पहले यह पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है. ये पेट में जमी गैस, एसिडिटी या कब्ज जैसी दिक्कतों को दूर कर आंतों को साफ करता है.
मेथी में घुलनशील फाइबर होता है जो भोजन के पाचन को धीमा कर ब्लड शुगर को स्थिर रखता है. यही गुण डायबिटीज के मरीजों के लिए फायदेमंद है.
मेथी वजन घटाने में भी असरदार है. ये मेटाबॉलिज्म को तेज करता है और लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस करवाता है. इससे अनचाही भूख कम लगती है और शरीर की अतिरिक्त चर्बी धीरे-धीरे घटने लगती है.
दिल की सेहत के लिए भी यह बेहद उपयोगी माना जाता है. मेथी का पानी शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल यानी एलडीएल को घटाता है और अच्छे कोलेस्ट्रॉल यानी एचडीएल को बढ़ाता है. इससे दिल की धमनियों में ब्लॉकेज की संभावना कम होती है और हृदय स्वस्थ रहता है.
महिलाओं के हार्मोनल बैलेंस के लिए भी मेथी का पानी बेहद लाभकारी है. ये पीसीओडी, थायरॉइड और मासिक धर्म की अनियमितता जैसी समस्याओं में राहत देता है.
मेथी के तत्व शरीर में एस्ट्रोजन हार्मोन को संतुलित करते हैं, जिससे त्वचा और बालों दोनों की सेहत सुधरती है. मेथी के एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालते हैं, जिससे त्वचा साफ, चमकदार और जवान दिखती है.
एक गिलास पानी में एक चम्मच मेथी के दाने को रात भर भिगो कर रख दें और सुबह इस पानी को छानकर खाली पेट पिएं.
इसके अलावा एक गिलास पानी में 1 चम्मच मेथी दाना डालकर 5 से 7 मिनट तक उबालें. फिर इसे छानकर नींबू और शहद मिलाकर चाय की तरह पिएं.