अर्जुन की छाल आज भी दिल और सांस के मरीजों के लिए बेहद भरोसेमंद दवा मानी जाती है.
ये हृदय की मांसपेशियों को मजबूत बनाता है, खून को पतला करता है और हार्ट अटैक का खतरा कम करता है.
अर्जुन की छाल में टर्मिनैलिक एसिड, फ्लेवोनॉइड्स और भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जो दिल की धड़कन को नियमित करते हैं और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखते हैं.  यह रक्त वाहिकाओं को चौड़ा करती है, जिससे ब्लड प्रेशर कंट्रोल में रहता है.
ये हृदय की मांसपेशियों को मजबूती देता है और हार्ट फेल्योर के खतरे को कम करता है. खराब कोलेस्ट्रॉल घटाता है और अच्छा कोलेस्ट्रॉल बढ़ाता है.
यह खून को पतला करके ब्लड क्लॉट बनने से रोकता है. अस्थमा, खांसी और सांस फूलने में भी राहत देता है.
ये पाचन संबंधित समस्याओं को दूर करने में भी यह कारगर है. कब्ज, अपच, गैस को दूर करने में भी लाभकारी है.
अर्जुन की छाल त्वचा की चमक बढ़ाने और घाव जल्दी भरने में भी मदद करता है.
अर्जुन की छाल के रस का सुबह खाली पेट या रात को सोने से पहले सेवन लाभकारी होता है. डॉक्टर से सलाह लेने के बाद स्वाद के लिए थोड़ा शहद या गुड़ मिला सकते हैं.
इसे बनाने के लिए 1-2 इंच छाल या 1 चम्मच चूर्ण को 2 कप पानी में धीमी आंच पर तब तक उबालें जब तक पानी आधा (1 कप) न रह जाए. इसे छानकर सुबह खाली पेट गुनगुना पिएं
अर्जुन की छाल का काढ़ा रोजाना लेना सुरक्षित है.हालांकि, कुछ मामलों में सावधानी बरतनी जरूरी है. प्रेग्नेंट और ब्रेस्टफीडिंग कराने वाली महिलाओं को डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही सेवन करना चाहिए.
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